नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। सुप्रिया सुले के नेतृत्व में पार्टी के सांसदों की इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर चर्चा चल रही है और शरद पवार गुट के संभावित रुख पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
पीएम मोदी से मिले शरद पवार गुट के सांसद
सुप्रिया सुले के नेतृत्व में शरद पवार गुट के आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े कई मुद्दों को उठाया गया। सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे हैं।
क्या NDA में शामिल होगा शरद पवार गुट?
इस मुलाकात के बीच शरद पवार की पार्टी के एनडीए में शामिल होने की अटकलों ने भी जोर पकड़ा। हालांकि, पार्टी की ओर से लगातार यह स्पष्ट किया गया है कि प्रधानमंत्री से मुलाकात को किसी राजनीतिक गठबंधन में शामिल होने के संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मुलाकात को मुख्य रूप से महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों और संसदीय विषयों से जोड़कर देखा जा रहा है।
परिसीमन विधेयक को लेकर भी बढ़ी राजनीतिक हलचल
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब संसद में परिसीमन को लेकर चर्चा तेज है। केंद्र सरकार को किसी भी संवैधानिक संशोधन से जुड़े विधेयक के लिए संसद में पर्याप्त समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में शरद पवार गुट के सांसदों की संख्या और उनके रुख को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रिया सुले ने अटकलों पर पहले भी दिया था जवाब
एनडीए में जाने और पार्टी के रुख को लेकर उठ रही अटकलों के बीच सुप्रिया सुले ने पहले भी पार्टी बदलने की संभावनाओं को खारिज किया है। उनका कहना रहा है कि अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत को किसी गठबंधन परिवर्तन से जोड़ना उचित नहीं है। ऐसे में प्रधानमंत्री से हुई ताजा मुलाकात के बाद भी पार्टी के अगले कदम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
कांग्रेस की चिंता भी बढ़ी
शरद पवार गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात ने विपक्षी खेमे में भी हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस की ओर से विपक्षी एकजुटता को लेकर चिंता जताई गई है। महाराष्ट्र में पहले से ही राजनीतिक समीकरण कई बार बदल चुके हैं और एनसीपी के विभाजन के बाद पवार परिवार की राजनीति पर पूरे देश की नजर रही है।
महाराष्ट्र की राजनीति में क्या होगा अगला कदम?
शरद पवार गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात ने फिलहाल कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ परिसीमन विधेयक को लेकर संसद में समर्थन जुटाने की कवायद महत्वपूर्ण है, तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र में एनसीपी गुटों के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। हालांकि, इस मुलाकात के आधार पर किसी नए राजनीतिक गठबंधन या एनडीए में शामिल होने का फैसला मानना अभी जल्दबाजी होगी।
